उपन्यास की रूपरेखा का प्रारूप और उदाहरण
कहानी की रूपरेखा का यह प्रारूप संदर्भ के लिए दिया गया है।
प्रारूप
उपन्यास की रूपरेखा
1. कहानी की दिशा
अस्थायी शीर्षक: कुल अध्यायों की अनुमानित संख्या (एक सीमा भी दे सकते हैं): खंडों की अनुमानित संख्या (वैकल्पिक): विधा और लक्षित पाठक: कथन-दृष्टि और स्वर: एक वाक्य में कहानी: कौन क्या चाहता है, उसके रास्ते में क्या बाधा है और क्या दाँव पर लगा है? मुख्य लक्ष्य: कौन-सा परिणाम चाहिए और उसके हासिल होने की पहचान क्या होगी? कदम उठाने का कारण: इसके लिए कार्य करना इतना ज़रूरी क्यों है और अभी ही क्यों? केंद्रीय तनाव: किन ज़रूरतों को एक साथ पूरा करना कठिन है और विरोध कहाँ से आता है? समय-सीमा और कीमत: देर करने या असफल होने पर क्या होगा और सफलता के लिए क्या खोना पड़ेगा? अंत में पाठकों के मन में कौन-सा भाव रहना चाहिए?
2. मुख्य पात्र और टकराव
उन पात्रों से शुरू करें जो मुख्य कहानी को आगे बढ़ाते हैं। एक से अधिक नायक हो सकते हैं; अन्य पात्र लेखन के दौरान जुड़ सकते हैं।
मुख्य पात्र का परिचय (हर पात्र के लिए दोहराएँ) नाम और भूमिका (नायक, सह-नायक, विरोधी पात्र, महत्वपूर्ण सहायक पात्र आदि): पात्र क्या चाहता है और यह उसके लिए क्यों महत्वपूर्ण है? उसकी क्षमताएँ और संसाधन क्या हैं और उसकी सीमाएँ क्या हैं? वह किसके साथ सहयोग या टकराव करता है और क्यों? कौन-सा विश्वास, रुख या संबंध बदल सकता है? (निर्णय न हुआ हो तो खुला छोड़ें।)
केंद्रीय टकराव (ज़रूरत के अनुसार) किन पात्रों के बीच टकराव है? उनके लक्ष्यों, हितों या मूल्यों को एक साथ संतुष्ट करना कठिन क्यों है? कौन-सा निर्णय या घटना टकराव बढ़ा सकती है या नए सहयोग का रास्ता खोल सकती है?
3. कथा-जगत, नियम और तनाव
समय और स्थान: मुख्य संसाधनों या अवसरों पर किसका नियंत्रण है और अलग-अलग पक्षों को उनकी ज़रूरत क्यों है? कथा-जगत के कौन-से नियम पात्रों के लक्ष्यों में मदद या बाधा पहुँचाते हैं और कैसे? संस्थाओं, रीति-रिवाजों या परिवेश से हितों या विश्वासों के कौन-से टकराव पैदा होते हैं? हर पक्ष क्या बचाए रखना या बदलना चाहता है और क्यों? किसी क्षमता के उपयोग, संसाधन की प्राप्ति या मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की क्या कीमत है? किन सीमाओं को लाँघा नहीं जा सकता और वे कौन-से निर्णय लेने को मजबूर करती हैं?
4. कहानी की दिशा और प्रमुख मोड़ (वैकल्पिक)
शुरुआती स्थिति: मुख्य पात्र कैसे रहते हैं और उनके आपसी संबंध कैसे हैं? प्रेरक घटना: उस जीवन को क्या अस्त-व्यस्त करता है? पहला निर्णायक कदम: किसका निर्णय स्थिति या संबंधों को इस तरह बदलता है कि शुरुआत पर लौटना संभव नहीं रहता? मध्यबिंदु: नई जानकारी पात्रों के लक्ष्य, तरीके या रुख कैसे बदलती है? संकट: उनका पुराना तरीका क्यों विफल हो जाता है? चरमबिंदु का निर्णय: हर मुख्य पात्र क्या चुनता है और उसकी क्या कीमत चुकाता है? अंत: बाहरी समस्या और मुख्य संबंध का समाधान कैसे होता है?
5. खंडों और लंबाई की योजना (हर खंड या चरण के लिए दोहराएँ)
खंड संख्या और शीर्षक (या चरण का नाम): अध्यायों की अनुमानित सीमा (जैसे अध्याय 1–30): इस खंड में अध्यायों की अनुमानित संख्या: इस खंड या चरण का मुख्य लक्ष्य और टकराव: किसी पात्र या संबंध में अपेक्षित बदलाव: कहानी के वे महत्वपूर्ण क्षण जिन्हें बनाए रखना है: अंत तक जिस स्थिति पर पहुँचना है: वे विवरण जिन्हें लेखन के दौरान विकसित करना है:
6. पूर्वसंकेत और खुले प्रश्न (वैकल्पिक)
कोई पूर्वसंकेत या मुख्य तथ्य जो पहले से सोचा है: उसे प्रस्तुत करने का नियोजित खंड या चरण (निर्णय न हुआ हो तो खुला छोड़ें): उसे सार्थक करने का नियोजित खंड या चरण (निर्णय न हुआ हो तो खुला छोड़ें): वह जिस घटना या पात्र के निर्णय की नींव रख सकता है: उसे सार्थक करने की संभावित परिस्थितियाँ (निर्णय न हुआ हो तो खुला छोड़ें; अध्याय संख्या ज़रूरी नहीं): जिन तथ्यों पर शोध करना है: कथानक के अनिर्णीत प्रश्न और संभावित दिशाएँ:
उदाहरण
शीर्षक: अजेय नगर
कहानी की दिशा
विधा और कथन-दृष्टि: महाकाव्यात्मक फ़ैंटेसी; लियोन, सेलीन और काया की दृष्टियों से बारी-बारी तीसरे पुरुष में कथन। कहानी का आधार: सदी में एक बार आने वाली दीर्घ रात्रि निकट है और साम्राज्य तीन उत्तरी नगरों को छोड़ देता है। उन्हें बचाने के लिए ड्रैगन सवारों का सेनापति लियोन एक ध्वजपोत पर कब्ज़ा करता है। उसका पीछा उसकी पत्नी सेलीन करती है, जो राज्याभिषेक की प्रतीक्षा कर रही साम्राज्ञी है। लक्ष्य और प्रेरणा: अपनी मातृभूमि पर विजय में निभाई भूमिका का प्रायश्चित करने के लिए लियोन को बर्फ़ से रास्ता बंद होने से पहले तीन सैन्य सूर्य-क्रोड पहुँचाने हैं और उनके उपयोग की स्थायी नागरिक मुहरें हासिल करनी हैं। केंद्रीय टकराव: नगरों को बचाने से साम्राज्य का बेड़ा कमज़ोर होगा। सेलीन को पूरे साम्राज्य की रक्षा करनी है, जबकि नगर स्वायत्तता माँगते हैं। देश की सुरक्षा, स्थानीय लोगों का अस्तित्व और दांपत्य विश्वास, तीनों को बिना क्षति बचाना संभव नहीं है। दाँव: विफलता लोगों को पलायन के लिए मजबूर करेगी या उन्हें ठंड में फँसा देगी। सफलता मिलने पर भी समुद्री चौकियाँ छोड़नी होंगी और पुरानी सत्ता या पहचान का त्याग करना होगा।
मुख्य पात्र और टकराव
लियोन | विद्रोही ड्रैगन सेनापति: कुशल नौसैनिक रणनीतिकार जो अपनी मातृभूमि और विवाह बचाना चाहता है, लेकिन दूसरों के लिए निर्णय लेना अपना काम समझता है। उसे तीनों नगरों के अपने चुनावों का सम्मान करना सीखना होगा। सेलीन | साम्राज्ञी और लियोन की पत्नी: मुहरों और कूटनीति पर नियंत्रण रखती है; बेड़ा कमज़ोर होने पर आक्रमण का भय है। उसे केंद्रीकृत नियंत्रण और गठबंधन के माध्यम से सत्ता साझा करने में से चुनना होगा। काया | तुषार बंदरगाह की नेता: रसद और समुद्री मानचित्रों पर नियंत्रण रखती है। स्वायत्तता माँगती है, लेकिन अपने बंदरगाह को पहले रखती है। अपने बंदरगाह की अलग सुरक्षा पाने के लिए गठबंधन के काफ़िले का मार्ग बेच देती है, जिससे सुरक्षा देने वाले जहाज़ नष्ट होते हैं। ओरेस | नौसेना प्रमुख और लियोन का पूर्व गुरु: नौसेना की कमान सँभालता है और मानता है कि सैन्य निवारक शक्ति खोने से और अधिक नगर संकट में पड़ेंगे। सेलीन बचाव की अनुमति दे तो वह उसकी भी अवज्ञा कर सकता है। हेरियोन | लियोन से शपथबंधन में बँधा ड्रैगन: सूर्याग्नि का उपयोग करता है और विजय का साधन बने बिना धरती की रक्षा करना चाहता है। ड्रैगन और सवार को मिलकर तय करना होगा कि अपना बंधन सदा के लिए तोड़ना है या नहीं। संबंधों का तनाव: पति-पत्नी बचाव और रक्षा को लेकर टकराते हैं। नगरों को लियोन की शक्ति चाहिए, उसका शासन नहीं। काया का अपने बंदरगाह को बचाने का प्रयास गठबंधन को ख़तरे में डालता है, जबकि ओरेस की निष्ठा नए विद्रोह में बदल सकती है।
कथा-जगत, नियम और तनाव
परिवेश और संसाधन: उत्तरी समुद्र जमने से पहले नौचालन का अंतिम मौसम। भीतरी क्षेत्र के छह नगरों के पास नागरिक भंडार हैं; उत्तर को तीन ध्वजपोतों पर रखे सैन्य सूर्य-क्रोड हासिल करने होंगे। सूर्य-क्रोड: सूर्यप्रकाश सँजोते हैं और नगरों के प्रकाशस्तंभ चला सकते हैं, लेकिन दीर्घ रात्रि में इन्हें दोबारा चार्ज नहीं किया जा सकता, न इनकी प्रतियाँ बनाई जा सकती हैं। इन्हें ले जाने और स्थापित करने में समय लगता है तथा बेड़े की दूरगामी अभियान-क्षमता समाप्त होती है। मुहरें: सैन्य मुहरें संचालन का अधिकार देती हैं। स्थायी नागरिक उपयोग के लिए राजमुकुट की मुख्य मुहर रखने वाले शासक को स्वयं नागरिक अधिकार देना होगा; जहाज़ छीनना या मुकुट चुराना इस अनुमति की जगह नहीं ले सकता। ड्रैगन बंधन: मनुष्य जीवन में केवल एक बार बंधन बना सकता है। दोनों की सहमति से इसे तोड़ने पर सूर्याग्नि की एक लपट निकलती है, जो तूफ़ान में मार्ग खोल सकती है, लेकिन क्रोड चार्ज नहीं कर सकती। सवार बंधन से मिली शक्तियाँ हमेशा के लिए खो देता है। स्वायत्तता: हर नगर को क्रोड के स्वामित्व, ताप-व्यवस्था और रक्षा पर अपना समझौता स्वयं करना होगा। काया दूसरों की ओर से वचन नहीं दे सकती और बचाव से शासन का अधिकार नहीं मिलता।
कहानी की दिशा और प्रमुख मोड़
शुरुआत: लियोन जहाज़ पर कब्ज़ा करता है; सेलीन उसके पीछा करने का आदेश देती है और बाकी पक्षों को एक पक्ष चुनना पड़ता है। मोड़: काया मार्ग बेच देती है और काफ़िला घात का शिकार होता है। लियोन समझता है कि साझा शत्रु होने से हित साझा नहीं हो जाते। संकट: तीनों क्रोड इकट्ठे हो जाते हैं, लेकिन बर्फ़, ओरेस की नाकाबंदी और नागरिक मुहरों का अभाव उनकी आपूर्ति रोकते हैं। चरमबिंदु: सेलीन मुहरें देकर सत्ता छोड़ती है; काया अपना सौदा उजागर कर कमान सौंप देती है। लियोन और हेरियोन अंतिम मार्ग खोलने के लिए अपना बंधन तोड़ देते हैं। अंत: तीन प्रकाशस्तंभ जल उठते हैं। उत्तर को स्वायत्तता मिलती है और साम्राज्य अपनी रक्षा-पंक्ति समेटता है। लियोन नगरों के निर्णय का सामना करने के लिए रुकता है; सेलीन राजधानी लौट जाती है। बचाव सफल है, लेकिन विवाह और विश्वास की मरम्मत अभी बाकी है।
खंडों और लंबाई की योजना
प्रारंभिक योजना में तीन खंडों के कुल 100 अध्याय हैं। पहले खंडों के लक्ष्य और लंबाई तय करें; अलग-अलग दृश्य लेखन के दौरान विकसित करें।
पहला खंड: विद्रोह की पताका (अध्याय 1–30; 30 अध्याय)
लक्ष्य और टकराव: पहला क्रोड लेकर तुषार बंदरगाह पहुँचना। पति-पत्नी खुले विरोधी बन जाते हैं; काया सहायता के बदले स्वायत्तता माँगती है। प्रमुख मोड़ और अंतिम स्थिति: जहाज़ पर कब्ज़ा, पीछा और बंदरगाह पर बातचीत। लियोन अपना सैन्य पद खो देता है, लेकिन बचाव के लिए गठबंधन बना लेता है। आगे विकसित करें: कब्ज़े की प्रक्रिया, पीछा किए जाने की कीमत और पति-पत्नी की पहली वार्ता।
दूसरा खंड: नगरों का दाँव (अध्याय 31–65; 35 अध्याय)
लक्ष्य और टकराव: बचे हुए दो क्रोडों के लिए संघर्ष। हर नगर स्वयं को प्राथमिकता देता है और ओरेस रसद रोकता है। प्रमुख मोड़ और अंतिम स्थिति: काया मार्ग की जानकारी लीक करती है और सुरक्षा देने वाले जहाज़ नष्ट होते हैं। सहयोग पाने के लिए लियोन निर्णय की शक्ति छोड़ता है। क्रोड मिल जाते हैं, लेकिन विश्वासघात उजागर होने से गठबंधन टूटने की कगार पर पहुँचता है। आगे विकसित करें: नगरों की माँगें, क्रोडों के लिए युद्ध और विश्वासघात से हुई व्यक्तिगत हानियाँ।
तीसरा खंड: दिन का उजाला राजमुकुट की जागीर नहीं (अध्याय 66–100; 35 अध्याय)
लक्ष्य और टकराव: नागरिक मुहरें पाना और नाकाबंदी तोड़ना। सेलीन राजनीतिक रूप से ओरेस से नाता तोड़ती है; लियोन बंधन खोने के निर्णय का सामना करता है। प्रमुख मोड़ और अंतिम स्थिति: काया कमान सौंपती है, नगर समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं, सेलीन मुहरें देती है और ड्रैगन तथा सवार बंधन तोड़ते हैं। प्रकाशस्तंभ जलते हैं; सभी नई व्यवस्था की कीमत चुकाते हैं। आगे विकसित करें: अंतिम वार्ताएँ, बेड़े का विभाजन और पति-पत्नी का अलग होना।
खंडों के अनुसार पूर्वसंकेत और उनकी सार्थकता
सैन्य क्रोड नगरों के प्रकाशस्तंभ चला सकते हैं | पहले खंड में अस्थायी ऊर्जा-आपूर्ति से परिचय, दूसरे में उपयोग बदलने की योजना, तीसरे में नगरों को रोशन करके सार्थकता। सैन्य मुहरें नागरिक मुहरें नहीं हैं | पहले खंड में कब्ज़े के दौरान नियम स्पष्ट होता है, दूसरे में वार्ता की बाधा बनता है और तीसरे में सेलीन के अधिकार देने से समाधान होता है। काया के बंदरगाह की अलग सुरक्षा-गारंटी | पहले खंड में तुषार बंदरगाह की विशेष सुरक्षा की माँग सामने आती है, दूसरे में विश्वासघात का कारण बनती है और तीसरे में खुलासे के बाद उसकी कमान चली जाती है। बंधन टूटने की सूर्याग्नि | पहले खंड में एक पूर्व सवार नियम बताता है; दूसरे में कीमत स्पष्ट होती है; तीसरे में लपट तूफ़ान में मार्ग खोलती है और सवार अपनी शक्ति हमेशा के लिए खोता है। खंडों में इनका स्थान अस्थायी है; सटीक अध्याय और संकेतों का ज़ोर लेखन के दौरान बदल सकते हैं।
खुले प्रश्न और शोध
अनिर्णीत: नगरों की शासन-व्यवस्था, समुद्रपार युद्धविराम की शर्तें और पति-पत्नी के समझौते की अपनी-अपनी सीमाएँ। शोध: नौसैनिक रसद, ठंडे क्षेत्रों में पलायन और गठबंधन वार्ताओं के बुनियादी सिद्धांत।